गुरसरांय(झांसी)।पवित्र सावन माह में जहां एक ओर शिवालयों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है और कांवड़ यात्राएं निकल रही हैं,वहीं दूसरी ओर प्रशासन के सख्त दिशा-निर्देशों के बावजूद मुख्य मार्गों और सड़क किनारे खुलेआम मांस-मछली की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। खुले में कट रहे मांस और टंगे हुए मुर्गों को देखकर धार्मिक भावनाओं से जुड़े स्थानीय निवासियों और कांवड़ियों में भारी असंतोष व्याप्त है। शासन द्वारा सावन माह के दौरान कांवड़ मार्गों,धार्मिक स्थलों के आसपास तथा प्रमुख सड़कों पर मांस-मछली की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध या ढककर बेचने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद नगर में दुकानदार इन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सड़क किनारे खुले में मांस बेचने से न केवल श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं,बल्कि गंदगी और दुर्गंध के कारण मार्ग से निकलने वाले राहगीरों का चलना भी दूभर हो गया है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन के दावों के विपरीत धरातल पर ढिलाई बरती जा रही है। अगर तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
मिलावटी खाद्यान्न बिक्री से लोग परेशान
नगर व क्षेत्र में मिलावटी मिठाई,खोया,पनीर,तेल आदि किराना सामग्री यहाँ तक कि आटा,बेसन,घी ए टू जेड सभी खाद्यान्नों मे भारी मिलावट खोरी से जहाँ जनता को ठगा जा रहा है। वही आम जन के स्वास्थ्य पर मिलावटी केमिकल्स युक्त खाद्यान्न बिक्री से लोगों की सेहत खराब हो रही है यहां तक की किडनी,लीवर आदि खतरनाक बीमारियों का आदमी शिकार हो रहा है। जो गुरसरांय के अस्पतालों से लेकर बीमार होकर जिला मुख्यालय आदि जगह इलाज के बाद भी सही नही हो रहा है लेकिन खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा ऐसे मिलावट खोरों को लग रहा है खुला संरक्षण दिया जा रहा है जिससे शासन की छवि धूमिल होने के साथ-साथ आम जन को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।नगर व क्षेत्र के लोगों ने इस संबंध में जिला प्रशासन से लेकर शासन से जल्द बड़ी कार्यवाही की मांग की है।
