हिंदुओं की सुरक्षा की गारंटी मिलने तक बांग्लादेश से सभी कूटनीतिक व व्यापारिक संबंध तोड़े भारत सरकार : अरशद खान, जिला अध्यक्ष
अडानी के व्यापारिक हितों की खातिर अपनी नैतिक जिम्मेदारी से पीछे न हटे मोदी सरकार : अर्चना गुप्ता, प्रांतीय उपाध्यक्ष
झांसी। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के विरुद्ध लगातार हो रहे हमले, मंदिरों को निशाना बनाए जाने, महिलाओं और बच्चों के साथ की जा रही बर्बरता पर मोदी सरकार की चुप्पी के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने आज प्रदेश व्यापी विरोध प्रदर्शन किया जिसके अंतर्गत झांसी के कचहरी चौराहे पर जिले की इकाई ने विरोध प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
जिला अध्यक्ष अरशद खान ने कहा कि बांग्लादेश में व्याप्त भय के माहौल में जबरन पलायन की घटनाएं अत्यंत चिंताजनक और मानवता को शर्मसार करने वाली हैं। इससे भी अधिक पीड़ादायक तथ्य यह है कि इन गंभीर घटनाओं के बावजूद भारत की केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अब तक कोई ठोस, प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई सामने नहीं आई है, मोदी सरकार को बांग्लादेश सरकार से हिन्दुओं की सुरक्षा की गारंटी मिलने तक सभी प्रकार के कूटनीतिक एवं व्यापारिक संबंधों पर रोक लगा देनी चाहिए।
प्रांतीय उपाध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी का स्पष्ट मत है कि भारत जैसे लोकतांत्रिक और नैतिक नेतृत्व वाले राष्ट्र से यह अपेक्षा की जाती है कि वह पड़ोसी देश में हिन्दू अल्पसंख्यकों पर हो रहे संगठित अत्याचारों पर केवल मौन न साधे, बल्कि अपनी कूटनीतिक, आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय शक्ति का प्रयोग कर पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित कराए। अडानी जैसे उद्योगपतियों के हितों की खातिर अपनी नैतिक जिम्मेदारी से पीछे न हटे मोदी सरकार।
प्रांतीय सचिव पुत्तू सिंह कुशवाहा ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत सरकार की चुप्पी न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि इससे अत्याचारियों का मनोबल भी बढ़ रहा है।
विरोध प्रदर्शन के माध्यम से आम आदमी पार्टी ने महामहिम राष्ट्रपति महोदय को प्रेषित ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि वे संविधान के तहत अपने विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार को निम्नलिखित तत्काल और कठोर निर्णय लेने के निर्देश देने की मांग करते हुए मांग की कि, भारत–बांग्लादेश के सभी व्यापारिक एवं कूटनीतिक संबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त किए जाएं, जब तक बांग्लादेश सरकार हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की ठोस गारंटी नहीं देती।
केंद्र सरकार द्वारा बांग्लादेश को दी जा रही बिजली की आपूर्ति पर तुरंत रोक लगाई जाए, क्योंकि भारत के संसाधनों का उपयोग ऐसे देश के लिए नहीं हो सकता जहाँ हिन्दू अल्पसंख्यकों का खुलेआम उत्पीड़न हो रहा हो।
अडानी समूह द्वारा बांग्लादेश को दी जा रही बिजली की आपूर्ति पर भी तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि किसी भी निजी या कॉर्पोरेट लाभ के लिए भारत की नैतिक जिम्मेदारियों से समझौता न हो।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में जिस प्रकार विशेष अतिथि की तरह संरक्षण दिया जा रहा है, उसके चलते बांग्लादेश में भारतीयों और विशेषकर हिंदुओं के विरुद्ध नफरत और हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है। इस विषय पर प्रधानमंत्री को तत्काल कड़ा और स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए, जिससे यह संदेश जाए कि भारत किसी भी रूप में हिंदू विरोधी हिंसा का समर्थन या संरक्षण नहीं करता।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अरशद खान, प्रांतीय उपाध्यक्ष अर्चना गुप्ता, महानगर अध्यक्ष गयादीन कुशवाहा, प्रांतीय सचिव पुत्तू सिंह कुशवाहा, सतीश राय, प्रदेश उपाध्यक्ष CYSS सचिन साहू, किसान प्रकोष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी परवेज, जिलाध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ सीमा कुशवाहा, महानगर महासचिव नीलम चौधरी, महिला जिला उपाध्यक्ष भाग्यलक्ष्मी अय्यर, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष रिजवान खान, प्रदेश सचिव किसान प्रकोष्ठ भावजीत सरना, जिला कार्यकारिणी सदस्य राहुल झा, वरुण चढ्ढा, रजनीश समाधियां, इंदौर कुमार पांडे, मोहम्मद आरिफ, मणि आर्य, सोनू पीटर, किशन गोपाल झा आदि उपस्थित रहे।
