बुंदेलखंड बुलेटिन न्यूज
हमीरपुर – नेशनल गर्ल्स चाइल्ड डे के अंतर्गत कन्या शिशु जन्म दर में वृद्धि हेतु व्यापक प्रचार प्रसार व जन जागरूकता के दृष्टिगत संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन जिलाधिकारी श्री घनश्याम मीना की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित डॉ एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में संपन्न हुआ ।
इस मौके पर जिलाधिकारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि लड़का – लड़की को एक समान है उनमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। कहा कि लड़कियां लड़को की तुलना में आगे हैं तथा लड़कों से कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं ,उन्हें अवसर दिए जाने की आवश्यकता है। कहा कि सभी व्यक्तियों द्वारा लड़कियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाय। कहा कि लड़के के शिक्षित होने से एक घर जबकि लड़कियों के शिक्षित होने से दो घर शिक्षित होते हैं। बताया कि कोरोना जैसी महामारी में महिलाओं ने आशा एएनएम डॉक्टर आदि के रूप में लाखों लोगों का जीवन बचाया है। वह शिक्षक डॉक्टर तथा अन्य भूमिकाओं में देश के उत्थान में अपना योगदान दे रही हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में लड़कियां लड़कों की तुलना में बेहतर ढंग से सरवाइव कर / आगे बढ़ पाती हैं । कहा कि आज महिलाएं/लड़कियां भारत सहित पूरे विश्व में राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उच्च प्रशासनिक पदों आईएएस आईपीएस, सेना, पायलट आदि के रूप में अपना , अपने घर परिवार व देश का नाम रोशन कर रही हैं। अतः उनसे किसी तरह का भेदभाव कदापि न किया जाय। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आगे करना विकसित समाज का लक्षण है। कहा कि बालिकाओ को आगे बढ़ने हेतु प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि जनपद में संचालित होने वाले अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित रूप से निगरानी रखी जाए तथा वहां पर लिंग आदि का परीक्षण तो नहीं हो रहा है इसकी गोपनीय जांच कराकर कठोरतम कार्यवाही की जाय।
इस मौके पर विभिन्न अधिकारियों/ वक्ताओं ने बालिकाओ के उत्थान पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संचालन स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अनिल यादव व जलीस खान ने किया।
इस मौके पर सीएमओ डॉ गीतम सिंह , सीएमएस महिला व पुरूष अस्पताल , डीपीओ शैलेन्द्र सिंह, डिप्टी सीएमओ व एसीएमओ तथा अन्य संबंधित मौजूद रहे।
