बुंदेलखंड बुलेटिन न्यूज़
ललितपुर – अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन कानपुर एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक झांसी, परिक्षेत्र झांसी के निर्देश के क्रम में, पुलिस अधीक्षक मो० मुश्ताक के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक एंव क्षेत्राधिकारी सदर महोदय के निकट पर्यवेक्षण में, जनपद में अपराध एव अपराधियो के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में कोतवाली ललितपुर पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 612/24 धारा 111/318/61(2)/351(3)/352 बीएनएस व धारा 3/21 अविनियमित जमा योजना निक्षेप अधिनियम 2019 में फरार आरोपी 1. विशाल खुराना पुत्र अमृतलाल खुराना उम्र करीब 40 वर्ष निवासी 374/11 एबी ब्रहमनगर थाना सीपरी बाजार झाँसी, 2. भरत वर्मा पुत्र स्व0 जगदीश वर्मा उम्र 39 वर्ष निवासी 139 के सिविल लाईन चाँदमारी थाना कोतवाली जनपद ललितपुर मूल निवासी ग्राम मुलुन जनपद पूना महाराष्ट्र को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। थाना कोतवाली पर शिकायतकर्ताओं के द्वारा दिये गये प्रार्थना पत्रों के आधार पर अभियुक्तगण द्वारा एक संगठित गिरोह बनाकर अपने आर्थिक लाभ के लिये एल यू सी सी नाम की एक चिटफंड कम्पनी के माध्यम से धोखाधड़ी कर षड्यन्त्र पूर्वक कूटरचित दस्तावेज तैयार करते हुये विभिन्न व्यक्तियों के रूपये लेकर हड़प लेना एवं प्रार्थीगणों द्वारा अपना रूपया वापस मांगने पर टाल-मटोल करते हुये गाली-गलौच करना तथा जान से मारने की धमकी देने के सम्बन्ध में सूचना दी गयी थी। सूचना के आधार पर जनपद ललितपुर के विभिन्न थानों पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किये गये थे। उपरोक्त प्रकरण की गंभीरता व व्यापकता को देखते हुए गुणवत्तापूर्ण विवेचनात्मक कार्यवाही व वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन हेतु टीम गठित की गयी थी । गठित टीमों द्वारा एल यू सी सी के मुकदमों में अब तक कुल 20 आरोपियों को नियमानुसार गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा चुका है । सर्विलांस(मैनुअली/टैक्नीकल), वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन व अन्य एकत्रित साक्ष्यों की मदद से अभियुक्त विशाल खुराना व भरत वर्मा उपरोक्त को नियमानुसार गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूछताछ में बताया कि विशाल खुराना ने पूछने पर बताया कि मेरे ससुर ने मुझे झाँसी बुलाया और बताया कि वह आप्शन वन, एल यू सी सी के कोष/चेस्ट का झाँसी मे संचालन कर रहे है, जिसमें आसपास के जनपदों से एल यू सी सी, एल यू सी सी कम्पनी में कैश के रुप में निवेश के लिए काफी रुपया आता है । मेरे ससुर के द्वारा मुझे भी इस कम्पनी में काम करने की सलाह दी और मैं LUCC के झाँसी स्थित कार्यालय में अपने ससुर के साथ काम करने लगा था । माह सितम्बर 2022 में मेरे ससुर की अचानक मृत्यु हो गयी तब से एल यू सी सी की चेस्ट बैंक को मेरे द्वारा संचालित किया जाने लगा । हम लोग के द्वारा कम्पनी के नाम पर ललितपुर व अन्य जनपदों से कैश एकत्रित करके पहले झाँसी के चेस्ट बैंक में लाते थे वहाँ से समीर अग्रवाल व गिरोह के अन्य सदस्यों के पास प्राइवेट वाहन व प्राइवेट व्यक्ति के माध्यम से भेज दिया जाता था । समीर अग्रवाल के कहने पर हमलोगों ने भास्कर इन्फ्राकोन जैसी कई अन्य डमी कम्पनी, एल यू सी सी कम्पनी के पैसे को डाइवर्ट करने के लिए बनायी थी । जमा की गयी धनराशि को इन्ही डमी कम्पनियों में निवेश कर दिया जाता था हम लोग प्रापर्टी खरीद फरोख्त का भी काम करते थे । एल यू सी सी के पैसे को भास्कर इनफ्राकोन में जमा करके अलग-अलग प्रापर्टी के कार्यों में प्रापर्टी के खरीद बिक्री में रुपये लगाते थे और इससे भी मुनाफा कमाते थे । इससे हम लोगों को काफी लाभ प्राप्त हुआ । इस प्रकार मुझे भी कमिशन के रुप में काफी लाभ प्राप्त हुआ है । भरत वर्मा ने पूछने पर बताया कि वर्ष 2016 में आलोक जैन से मेरी मुलाकात हुयी थी जो ललितपुर के एलयूसीसी कार्यालय का हेड था , उसके साथ मिलकर मैं भी इस कम्पनी में काम करने लगा था । एल यू सी सी के कार्यालय में काफी रुपये निवेशकर्ताओं के विभिन्न ब्रांचो से इकट्ठा होते थे । प्रतिदिन जमा की गयी नगदी का लेखा जोखा मैं स्वयं रखता था । हम लोगों को पूरी तरह से विश्वास हो गया था कि यह सोसाइटी फर्जी रूप से आमजनमानस के धन का निवेश कराकर उसे अपनी व्यक्तिगत चल-अचल सम्पत्ति क्रय करने में खर्च कर रही है । एल यू सी सी सोसाइटी का लेन-देन कैश के रूप में एकत्रित कराया जाता था । हम लोग आमजनमानस के साथ धोखाधडी कर कपटपूर्वक संगठित रूप से धन अर्जित करने के लिये एल यू सी सी, एल यू सी सी आदि को वैध सोसाइटी बताते हुये धन का निवेश कराकर कूटरचित मूल्यवान प्रतिभूति एफडी/आरडी के रूप में देकर ठगी का काम करते आ रहे हैं । । साहब मैंने लालच में आकर आलोक जैन आदि के साथ मिलकर आम जनमानस द्वारा निवेश की गयी धनराशि का अपने निजी कार्य में उपयोग किया है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
