उरई/नूंह। हरियाणा के नूंह जिले में मंगलवार सुबह मौत का तांडव देखने को मिला कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे पर उरई कोतवाली की पुलिस टीम को ले जा रही स्कॉर्पियो अचानक काल का ग्रास बन गई। धुलावट टोल के पास ओवरटेक करने के फेर में पुलिस की गाड़ी आगे चल रहे वाहन में पीछे से जा घुसी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में उरई में तैनात दो दरोगा, दो सिपाही और चालक सहित पांच लोगों की मौके पर ही सांसें थम गईं। टक्कर इतनी भयावह थी कि स्कॉर्पियो लोहे के कबाड़ में बदल गई और शवों को बाहर निकालने के लिए स्थानीय पुलिस को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। जालौन के उरई कोतवाली में बीते दिनों जमीन विवाद को लेकर दर्ज हुए एक अपहरण के मामले में सुराग मिलने पर टीम हरियाणा दबिश देने गई थी। तफ्तीश पूरी कर जब टीम वापस लौट रही थी, तभी सुबह करीब 10:30 बजे यह हादसा हो गया। मृतकों में उपनिरीक्षक मोहित यादव (कन्नौज), उपनिरीक्षक सत्यभान (कासगंज), कांस्टेबल अशोक कुमार और सर्विलांस टीम के सिपाही प्रदीप शामिल हैं। इस खबर ने न केवल महकमे को हिला दिया, बल्कि कई घरों के चिराग बुझा दिए। दरोगा सत्यभान अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, वहीं दरोगा मोहित यादव अपने पिता की जगह आश्रित कोटे से भर्ती होकर घर की जिम्मेदारी उठा रहे थे। सबसे दुखद स्थिति सिपाही अशोक कुमार के घर की है, जहाँ एक माह पहले ही पिता की मृत्यु का मातम अभी खत्म भी नहीं हुआ था कि अब अशोक की शहादत की खबर पहुंच गई। एसपी विनय कुमार सिंह ने बताया कि टीम सरकारी दायित्व निभाने गई थी, विभाग दुख की इस घड़ी में परिवारों के साथ खड़ा है।
