रिपोर्टर : नीलेश एन.के.डी.
नगर पंचायत मोठ में लंबे समय से स्थायी सब्जी मंडी और मीट मंडी की मांग उठ रही है, लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नजर नहीं आई। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर इस बदहाल व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है और नगरवासियों व सब्जी विक्रेताओं को स्थायी मंडी की सुविधा कब मिलेगी?
वर्तमान में किले के पास अस्थायी सब्जी मंडी संचालित हो रही है। तस्वीरों में साफ नजर आ रहा है कि मंडी क्षेत्र में कीचड़, गंदगी और अव्यवस्था का आलम है। बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं। सब्जी विक्रेताओं को मजबूरी में इसी माहौल में दुकानें लगानी पड़ रही हैं, जबकि खरीदारी करने पहुंचने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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इसी के आसपास मीट की दुकानें भी संचालित हो रही हैं। व्यवस्थित मीट मंडी का अभाव होने के कारण स्वच्छता और साफ-सफाई को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। नगर में अलग और व्यवस्थित स्थान पर सब्जी तथा मीट मंडी बनाए जाने की मांग लंबे समय से उठती रही है।
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि उनकी समस्याओं को कई बार जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और नगर पंचायत प्रशासन के सामने रखा गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। जनप्रतिनिधि आते हैं, बड़ी-बड़ी बातें और जुमले करते हैं, विकास के वादे करते हैं और फिर समय बीतने के साथ वही वादे पीछे छूट जाते हैं।
नगरवासियों का सवाल है कि जब चुनाव के समय विकास, व्यवस्था और सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं तो वर्षों पुरानी मंडी की समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया? क्या सब्जी विक्रेताओं और आम जनता की परेशानी सिर्फ चुनाव के समय याद आती है?
अब लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि क्या अगले चुनाव में एक बार फिर स्थायी सब्जी मंडी और मीट मंडी बनाने के वादे किए जाएंगे, या इस बार धरातल पर कोई ठोस काम दिखाई देगा?
