गुरसरांय(झांसी)। ग्राम परसुवां में इन दिनों चल रहे पुलिया और सड़क का निर्माण कार्य आम जनता के लिए सुविधा की बजाय मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। ठेकेदार और संबंधित पीडब्ल्यूडी विभाग की घोर लापरवाही के चलते निर्माण स्थल पर किसी भी प्रकार के सुरक्षा संकेतक (रेडियम बोर्ड या बैरिकेडिंग) नहीं लगाए गए हैं,जिससे हर समय बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। सड़क से गुजरने वाले राहगीरों का कहना है कि रात के अंधेरे में दूर से पुलिया का आधा-अधूरा निर्माण दिखाई नहीं देता। सुरक्षा संकेतक या रिफ्लेक्टर न होने के कारण दोपहिया और चार पहिया वाहन चालक अचानक सामने आई खुदाई और गिट्टियों के ढेर से असंतुलित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक,यहां पहले ही कुछ छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं,लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार मौन साधे बैठे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क के निर्माण में सामग्री की गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। घटिया स्तर की गिट्टी और मौरंग का उपयोग कर मानक विहीन तरीके से आनन-फानन में निर्माण किया जा रहा है। सड़क की पिचिंग भी इतनी कमजोर है कि पहली ही बारिश में इसके उखड़ने की पूरी संभावना है।सड़क के चौड़ीकरण और भराव के लिए किसानों के उपजाऊ खेतों से मिट्टी निकाली जा रही है। मिट्टी निकाले जाने से खेतों में कई फीट गहरे जानलेवा गड्ढे हो गए हैं जो किसी बड़े हादसें का इंतजार कर रहे है। इसके साथ-साथ सड़क निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। स्थानीय नागरिकों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस मानक विहीन निर्माण कार्य की तुरंत जांच कराई जाए और ठेकेदार को सख्त निर्देश देकर मौके पर तत्काल सुरक्षा संकेतक लगवाए जाएं ताकि किसी भी अप्रिय घटना या जनहानि को रोका जा सके। यदि जल्द ही इस पर सुधार नहीं हुआ,तो ग्रामीण उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
