सनातन संस्कृति का उत्सव 30 वां श्री पंडोखर सरकार धाम महोत्सव के दौरान बुंदेलखंडी कलाकार हल्ले दाऊ, परशुराम अवस्थी, सचिन चौधरी, अनिल कुमार शर्मा एवं मुस्कान प्रजापति ने बुंदेलखंड गायन एवं कॉमेडी के माध्यम से सांस्कृतिक मंच पर धमाकेदार प्रस्तुति दी। बुंदेलखंडी कलाकारों की प्रस्तुति के दौरान श्रोताओं से खचाखच भरे सांस्कृतिक मंच पंडाल में तालिया और ठहाकों की आवाज गूंजती रही।
पंडोखर पीठाधीश्वर श्री गुरु शरण जी महाराज के पावन सानिध्य में 30 वें पंडोखर धाम महोत्सव के दौरान सोमवार 13 अप्रैल को मुस्कान प्रजापति एंड ग्रुप, परशुराम अवस्थी एंड ग्रुप, हल्ले दाऊ एंड ग्रुप द्वारा बुंदेली गायन एवं बुंदेली कॉमेडी कर दर्शकों का मन मोहा।
कार्यक्रम से पूर्व सांस्कृतिक मंच का पूजन मुख्य अतिथि समथर गरौठा क्षेत्र के विधायक जवाहर सिंह राजपूत, ग्राम पंचायत पण्डोखर सरपंच एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष रामकुमार शर्मा रामजी, भोले मिश्रा, अमित शर्मा, संजय सोनी, सचिन मिश्रा, श्याम पुजारी एवं बुंदेली कलाकारों द्वारा हनुमान जी महाराज का पूजन किया गया। उपरांत मुख्य अतिथियों द्वारा आगंतुक बुंदेली गायन कॉमेडी के सभी कलाकारों का स्वस्ति तिलक, फूलमाला एवं श्री पंडोखर सरकार का अंग वस्त्र भेंट कर स्वागत सम्मान किया गया।
सांस्कृतिक मंच से सर्वप्रथम बुंदेली गायक परशुराम अवस्थी द्वारा गणेश वंदना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गणेश वंदना के दौरान श्री गौरा के लाडले श्री गणेश जी आओ अंगना पधारो श्री गणेश जी, श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में, नोने सजे तुमाए दरबार मडिया में विराजे पंडोखर सरकार, खबर लय रइयो मोरे पंडोखर सरकार, सबके प्राण प्यारे हैं पंडोखर धाम हमारे हैं, राम रंग में रंगे राम रंग में रंगे हरदी में रंगी सीता जानकी आदि बुंदेलखंडी भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी।
इसी क्रम में बुंदेलखंडी प्रस्तुति देते हुए मुस्कान प्रजापति ने चना की भाजी सरसों का साग सहित अनित गीतों का गायन मंच के माध्यम से किया। बुंदेली गायक अनिल कुमार शर्मा द्वारा पंडोखर धाम की महिमा एवं श्री पंडोखर धाम के पीठाधीश्वर गुरु शरण महाराज की के परिवार की महिमा का वर्णन गीत के माध्यम से किया।
सोशल मीडिया पर कॉमेडी के माध्यम से धूम मचाने वाले बुंदेली हास्य कलाकार हल्ले दाऊ ने कविता चुटकुला एवं स्वयं पर बीते अनुभवों को सांजा कर दर्शकों को एवं श्रोताओं को ठहाके लगाने एवं तालियां बजाने के लिए विवश कर दिया। अर्पित मिश्रा उर्फ गुड्डू भैया द्वारा सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वछता अभियान के संबंध में बुंदेली भाषा में एक नाट्य मंचन कर सभी को स्वच्छता का संदेश दिया।
(२)
*रामलीला के दौरान वन गमन लीला का हुआ मंचन*
श्री हाथीवान सरकार आदर्श रामलीला मंडल बरहा धाम के अध्यक्ष बबलू दीवाना एवं संचालक टिल्लू मस्ताना नरोल के निर्देशन में सोमवार 13 अप्रैल को श्रीराम वन गमन, केकई विलाप एवं मंथरा का अभिनय मंच के माध्यम से किया गया। मंच का शुभारंभ मुख्य अतिथि भगवती प्रसाद पटेरिया एवं गब्बर बाबा द्वारा किया गया। रामलीला मंचन के दौरान हरमोनिया पर पंडित अखिलेश मिश्रा, पैड पर धर्मेंद्र, ढोलक पर रामसिंह मास्टर, एवं नक्काडे पर प्रमोद मास्टर द्वारा संगति की गई।
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*श्रीराम कथा आज से*
पंडोखर पीठाधीश्वर श्री गुरु शरण जी महाराज के पावन सानिध्य में श्री पंडोखर सरकार धाम महोत्सव एवं श्री राम महायज्ञ के दौरान 2 अप्रैल से 9 अप्रैल तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन भागवत आचार्य पंडित विनोद शास्त्री जी महाराज श्री धाम वृंदावन एवं 10 अप्रैल से 14 अप्रैल तक श्री हनुमत प्रसंग कथा व्यास पंडित श्री बृजराज अभिषेक जी वशिष्ठ उत्तराखंड द्वारा श्रोताओं को कथा श्रवण कराई। इसी क्रम में आज बुधवार 15 अप्रैल से 21 अप्रैल तक पंडित श्री पवन शास्त्री जी महाराज ददरौआ धाम भिंड के श्री मुख से श्रीराम कथा का रसास्वादन श्रोताओं को कथा मंच के माध्यम से कराया जाएगा।
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*पूज्य गुरुदेव के जन्मोत्सव उपलक्ष में भजन संध्या एवं कॉमेडी आज*
पंडोखर पीठाधीश्वर पूज्य गुरुदेव अनंत श्री विभूषित श्री गुरु शरण जी महाराज पंडोखर सरकार के जन्मोत्सव के उपलक्ष में बहन शहनाज अख्तर एंड ग्रुप एवं योगेश त्रिपाठी दरोगा हप्पू सिंह मुंबई द्वारा भजन संध्या एवं कॉमेडी की प्रस्तुति सांस्कृतिक मंच के माध्यम से प्रस्तुत की जाएगी।
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*मदारी रूपी भोले भगवान ने हनुमान जी को प्रभु राम को सौंपा- ब्रजराज अभिषेक जी वशिष्ठ*
भगवान शंकर मदारी का भेष बनाकर हनुमान जी को साथ लेकर अयोध्या में पधारे सभी अयोध्यावासी मदारी का खेल देखने के लिए आए और जब मदारी के बेश में शिव जी दशरथ जी के महल पहुंचे तो वहां उनको प्रभु श्री राम सहित चारों भाइयों भरत लक्ष्मण शत्रुघ्न के दर्शन हुए। श्री राम का दर्शन करके शिव जी आनंद विभोर हो गए। अब प्रभु श्री राम हनुमान जी को अपने साथ रखने की जिद करने लगे। तब दशरथ जी महाराज ने मदारी रूपी शिवजी को कहा कि यह वानर हमारे श्री राम को प्रिय है इसलिए इसे आप यही छोड़ जाओ और जो मोल हो वह आप हमसे ले जा सकते हैं। तब शंकर भगवान ने कहा कि मुझे मोल नहीं चाहिए यह वानर अमोल है। में बस प्रभु श्री राम को अपनी गोद में खिलाना चाहता हूं आप मुझे प्रभु श्री राम को गोद में दे दीजिए में आपको बानर दे दूंगा। महाराज दशरथ ने मदारी रूपी भगवान शंकर की शर्त को स्वीकार करते हुए प्रभु श्री राम को शंकर भगवान की गोद में दे दिया प्रभु को गोद में लेकर भगवान भोलेनाथ ने अपने आराध्य प्रभु श्री राम का खूब लाड़ दुलार किया और परमपिता परमात्मा के दर्शन कर कृतज्ञ हुए। और मदारी रूपी भोले भगवान ने हनुमान जी को प्रभु राम को सौंप दिया।
उक्त कथा उत्तराखंड से आए कथा व्यास ब्रजराज अभिषेक जी वशिष्ठ ने श्री हनुमत कथा के दौरान पंडोखर पीठाधीश्वर श्री गुरु शरण जी महाराज के पावन शनि युद्ध में आयोजित श्री राम महायज्ञ एवं 30 वें श्री पंडोखर सरकार धाम महोत्सव के अंतर्गत मंगलवार पंचम दिवस दिवस की कथा के दौरान श्रोताओं को श्रवण करते हुए कहा। कथा उपरांत कथा परीक्षण श्री सोनी परिवार द्वारा आरती एवं पुष्पांजलि की गई इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रोता श्रद्धालु मौजूद रहे।
