गुरसरांय (झांसी)। उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी संघ एवं ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में झांसी जिले के गुरसरांय विकासखण्ड एवं बामौर विकासखण्ड पर ग्राम विकास अधिकारियों तथा ग्राम पंचायत अधिकारियों ने आज 10 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया और संयुक्त रूप से दोनों विकासखण्डों में मुख्यमंत्री के नाम/मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन के नाम ज्ञापन पत्र खण्ड विकास अधिकारी गुरसरांय और बामौर को सौंपा। जिसमें समस्त स्थलों पर एक समान उपस्थित व्यवस्था सुनिश्चित कराएं जाने एवं सचिव के कार्य फील्ड आधारित है ऐसे में ऑनलाइन उपस्थिति कार्यालय आधारित प्रणाली कार्य प्रकृति के अनुकूल एवं अनुरूप नहीं है ऐसे में ऑनलाइन उपस्थिति व्यावहारिक रूप में संभव नहीं है तो इसकी ऑनलाइन उपस्थित अन्य विभाग जैसी होनी चाहिए और अवकाश से लेकर राष्ट्रीय पर्वों धार्मिक/ जनहित के कार्यों में दैवीय आपदाओं में एवं शासन,प्रशासन के आकस्मिक निरीक्षण,चौपालों रात्रि के कार्यक्रमों में असमय जूम मीटिंग के माध्यम से जुड़ने की बाध्यता होती है अतः ऐसी असहज आकस्मिक स्थिति में ससमय ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली निष्प्रभावी होगी। इसके अलावा ऑनलाइन उपस्थिति हेतु किसी थर्ड पार्टी एप को फोन की एक्सेस देना,मौलिक अधिकार का उल्लंघन होगा साथ ही व्यक्तिगत मोबाइल सिम का सचिव के आधार बैंक खाते के लिंक होने के कारण उसके डाटा चोरी साइबर क्राइम एवं वित्तीय धोखाधड़ी की संभावना बनी रहेगी इसलिए ऑनलाइन उपस्थिति पूरी तरह खारिज करना होगी। वहीं पंचायत सचिवों ने और ग्राम विकास अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दर्जनों विभागों के काम भी ग्राम विकास अधिकारियों के ऊपर थोपे जाने से सभी सचिवों स्वास्थ्य से लेकर मानसिक रूप से परेशानी बढ़ रही है और जो दूसरे विभाग के होते हैं उनकी जानकारी न होने से कामों की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। ऐसी स्थिति में ग्राम पंचायत के अधीन कार्य कर रहे प्रत्येक विभाग के उनके विभागीय योजनाओं से संबंधित कामों के लिए संबंधित समिति के सचिव के रूप में उत्तरदायित्व सौंपा जाए वर्तमान ग्राम पंचायत सचिव को पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के प्रति ही उत्तरदायी रखा जाए और सचिवों को वाहन भत्ता,फोन भत्ता के साथ सीयूजी सिम उपलब्ध कराई जाए। ग्राम विकास अधिकारियों ने पदोन्नति के रूप में भी व्यवस्था परिवर्तन की मांग की है।वही मनरेगा योजना अंतर्गत ग्राम पंचायत के लागिन से कराये जाने वाले कार्यों के शासन आदेश 22 अगस्त 2022 परिणामी अनुपालन सुनिश्चित कराएं जाने एवं ग्राम पंचायतों की जांच निरीक्षण में प्रकाश में आई शासकीय क्षति की वसूली संबंधित उत्तरदायी खण्ड विकास अधिकारी एवं लेखाकार से भी एफ०टी०ओ० जनरेटर करने एवं संयुक्त डिजिटल सिग्नेचरी होने के कारण नैसर्गिक न्याय के तहत समानुपातिक रूप से निर्धारित कराने की मांग की है। इस प्रकार 10 सूत्रीय मांगों को लेकर यह ज्ञापन ग्राम विकास अधिकारियों, ग्राम पंचायत अधिकारियों ने खण्ड विकास अधिकारी बामौर और गुरसरांय के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन को भेजते हुए चेतावनी देते हुए कहां है कि अगर 15 दिसंबर तक उक्त समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो 15 दिसंबर को सभी ग्राम विकास अधिकारी,ग्राम पंचायत अधिकारी अपने-अपने डोंगल एडीओं पंचायत को सौंप देंगे। आज विकासखण्ड गुरसरांय में ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से अशोक कुमार गुप्ता,अजय पाल सिंह सेंगर,तेज सिंह निरंजन,राम प्रकाश निरंजन,रविंद्र निरंजन,रजत अग्रवाल,रुचि मौर्य,दीक्षा यादव,प्रदीप सोनी, अतुल कुमार भारद्वाज,अंकित पटेल,विजय कुमार वर्मा वहीं बामौर विकासखण्ड से महीपत सिंह निरंजन,विनीत विश्वकर्मा,सुनील तिवारी,महेंद्र चौधरी,नितिन कुमार,भरत व्यास,राजकुमार,किशोर कुमार,धर्मेंद्र कुमार,अतुल शाक्य आदि स्टाफ मौजूद रहा।
