अवैध बालू खनन रोक प्राकृतिक, धार्मिक स्थल प्रहलादध्व ढिकौली पहाड़ के पीछे का क्षेत्र जल्द बचाया जाए-सुषमा यादव

रिपोर्ट -शौकीन खान/कौशल किशोर गुरसरांय

गुरसरांय (झांसी)। बुंदेलखंड का प्रहलादध्व धार्मिक और प्राकृतिक स्थल बेतवा नदी के समीप ढिकौली पहाड़ के पीछे (एरच) गरौठा तहसील का वह ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है जहां के संरक्षण और पुरातत्व शोध केंद्र का बहुत बड़ा हिस्सा है जिसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य सरकार विकसित करने के लिए पूरे प्रयास कर रही है तो वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के बालू माफिया इस स्थान को भारी धन कमाने के चक्कर में ढिकौली प्रहलादध्व पहाड़ के पीछे लगभग 1 माह से लगातार अवैध बालू खनन कर रहा है जहां ना बालू घाट का और ना ही किसी जमीन का पट्टा आदि नहीं है बावजूद इसके एलएलटी आदि आधुनिक मशीनों से सत्ता पक्ष की संरक्षण में अवैध बालू खनन कर रहे हैं यह अवैध खनन रात्रि 9:00 बजे से चालू होता है और प्रातः तक प्रतिदिन चलता है जिसके चलते बुंदेलखंड की गरौठा तहसील का प्रमुख प्रहलादध्व से लेकर ढिकौली पहाड़ के पीछे (एरच) का धार्मिक प्राकृतिक असितत्त्व पूरी तरह संकट में है और अपना वास्तविक स्वरूप खोता जा रहा है आज इस संबंध में गुरसरांय कस्बे में सरकारी अस्पताल के पास पत्रकारों से चर्चा करते हुए राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश की पूर्व सदस्या सुषमा यादव ने कहा की इसके लिए एडीएम झांसी, गरौठा एसडीएम और जिलाधिकारी झांसी को अवैध खनन रोककर प्राकृतिक और धार्मिक स्थल के स्वरूप को बालू माफिया खत्म कर रहे हैं इसे तत्काल रोक कर बड़ी कार्यवाही होना चाहिए सुषमा यादव ने कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी प्रदेश में प्राकृतिक और धार्मिक स्थानों को संरक्षण और विकसित करने के लिए बहुत ही अच्छा काम कर रहे हैं जो देश दुनिया में नजीर है और मुझे विश्वास है की जल्द प्रहलादध्व ढिकौली पहाड़ जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को नष्ट करने वाले लोगों के विरुद्ध कार्रवाई कर जल्द क्षेत्र को विकसित करने का काम करेंगे उन्होंने फोन पर अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश से राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त हरगोविंद कुशवाहा को पूरी स्थिति के बारे में बताया।

जिलाधिकारी जालौन और झांसी को जल्द लिखेंगे पत्र- हरगोविंद कुशवाहा

इस संबंध में पत्रकारों ने एडवोकेट हरगोविंद कुशवाहा राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त उत्तर प्रदेश शासन से फोन पर बात की उन्होंने कहा कि वास्तव में मामला अत्यंन्त गंभीर है और कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं और जो यह स्थान है यह झांसी और जालौन जिले की सीमा से लगा हुआ है इसलिए झांसी जिला के जिलाधिकारी और जालौन जिला के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।

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